A | गोबिंद सिंह, रेवाड़ी। शहर के सरकुलर रोड स्थित बस स्टैंड और रोडवेज कार्यशाला पूरी तरह से जर्जर हालत में है। आए दिन किसी न किसी ब्रांच में छत से प्लास्टर भरभराकर गिर रहा है, जिसके चलते हर समय रोडवेज कर्मचारी हादसे के साये में नौकरी करने को मजबूर हैं। बुधवार को दैनिक जागरण की तरफ से बस स्टैंड की पड़ताल की गई।,बस स्टैंड भवन के मुख्य द्वार के सामने दीवार का प्लास्टर गिरने से सरिये साफ दिखाई दे रहे हैं और छज्जे का प्लास्टर भी फूला हुआ जो कभी भी गिर सकता है। वहीं हैप्पी कार्ड वितरण के लिए बनाई गई ब्रांच में भी छत का प्लास्टर फूला हुआ है जोकि कभी भी गिर सकता है।,
छज्जों के हालत बद से बदतर
बुकिंग ब्रांच की हालत भी बद से बदतर बनी हुई है, जिसमें बुधवार सुबह छत से प्लास्टर गिर गया था। पिक एंड ड्राप पार्किंग और कर्मचारी पार्किंग की तरफ भी छज्जों के हालत बद से बदतर हैं, जो कभी भी भरभराकर गिर सकते हैं। जबकि हाल ही में हुए रिनोवेशन के बाद महाप्रबंधक का कार्यालय चमक रहा था।,इसी प्रकार रोडवेज कार्यशाला स्थित ड्यूटी सैक्शन की हालात भी किसी से छुपी नहीं है। मंगलवार को दिनभर छत से पानी टपक रहा था, जिसके चलते कर्मचारियों को पालीथिन ओढ़कर काम करने को मजबूर होना पड़ा था। इसके अलावा कार्यशाला में गियर शाप सहित विभिन्न भवनों की हालत बेहद खराब स्थिति में है। कर्मचारियों का आरोप है कि जीएम साहब ने अपने कार्यालय के रिनोवेशन में तो डेढ़ से दो लाख रुपये खर्च कर दिए, लेकिन जहां कर्मचारी बैठते हैं वहां पर मरम्मत तक नहीं कराई जा रही है।,
50 वर्ष से अधिक पुराना भवन
50 वर्ष से अधिक पुराने बस स्टैंड के भवन को करीब दो वर्ष पहले लोकनिर्माण विभाग की तरफ से जर्जर घोषित किया जा चुका है, लेकिन जिम्मेदारों की तरफ से न तो अस्थायी व्यवस्था की जा रही है और न ही भवन की मरम्मत कराई जा रही है।,जर्जर भवन में ही विभिन्न शाखाएं संचालित की जा रही हैं जिससे हर समय कर्मचारियों की जान को खतरा बना हुआ है। आए दिन किसी न किसी ब्रांच में प्लास्टर झड़कर गिर रहा है। वर्षा के मौसम में इस जर्जर भवन से प्लास्टर गिरना कोई नई बात नहीं है हर साल यही स्थिति रहती है।,
नए बस स्टैंड के निर्माण में लगेगा समय
शहर के रामगढ़ रोड पर करीब 20 एकड़ में बनने वाले नए बस स्टैंड के निर्माण में अभी लंबा समय लगेगा। नए बस स्टैंड के निर्माण को लेकर अभी वर्क ऑर्डर तक नहीं हुआ है। ऐसे में बस स्टैंड के निर्माण में कम से कम तीन से चार वर्ष लगने की संभावना है। ऐसे में रेवाड़ी बस स्टैंड के संचालन को लेकर व्यवस्था जरूरी है।,
करवाएंगे शिफ्ट
पुराने भवन को जर्जर घोषित किया जा चुका है और नए बस स्टैंड का टेंडर हो चुका है। ऐसे में हम पुराने बस स्टैंड के भवन की मरम्मत पर खर्चा नहीं कर सकते हैं। हम टीनशेड की व्यवस्था कर रहे हैं, जिन ब्रांचों के कमरे ज्यादा जर्जर हालत में हैं, उन्हें शिफ्ट किया जाएगा। वहीं विभाग के उच्च अधिकारियों से बातचीत करके मरम्मत कराने का भी संभव प्रयास किया जाएगा। -निरंजन कुमार, महाप्रबंधक रोडवेज
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